Soul Power (मेरी अनदृनी शक्ति)
By Sonal Maharana
इन आंखों की खिड़की से झांकते हुए।
इस दिल की धड़कनों को आंकते हुए।
मेरी अनदृनी शक्ति।
मन जब भी डगमगाए, तन जब भी व्याधि को पाए।
वो तेरी ही तो बेइंतहा ताक़त है जो इस दिल को किनारे तक लाए।
तेरी खामोशी मेहसुस होती है इस दुनिया के शोर मे।
पर खामोश होकर भी खामोश नहीं तू मेरे मन के उस भंभोर में!
राह सही दिखलाता है तू,
चाह सही सिखलाता है तू।
इरादों में जान तूझसे हि है।
होंसलों कि उड़ान तूझसे हि है।
उम्मीदों भरी मुस्कान तूझसे हि है।
बस अफसोस इतना सा रहता इस दिल में,
अनसुनी कर दी कई बार इसने तेरी पुकार है।
चल, आज तो ठान ली है हमने।
तू ही आज से राजा है।
और ये कमजोर दिल है गुलाम!
अब यही है अभियान।
करते हैं हम एलान।
By Sonal Maharana

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