Sab moh maya hai
By viren singh
हां, मैंने भी प्यार में धोका खाया है,
हां, मैने भी प्यार में धोका खाया है,
और इस कड़वे सच को मैने अपनाया है।
इस चक्कर में उसने मुझे बहुत रुलाया है,
पर अब जा के समझ आया है,
बेटा, सब मोह माया है।
माना की हर शाम मैने उसे कॉफी पिलाया है,
अरे कॉफी तो छोड़ो,
हर वीकेंड पे फिल्में भी दिखाया है।
बेशक इस चक्कर में मैने अपना कटवाया है,
पर अब जा के समझ आया है,
बेटा ये सब मोह माया है।
जब भी मैने उसे फोन लगाया है,
हमेशा दूसरे कॉल पे ही बिजी पाया है,
फिर भी इस नादान दिल को लगता है,
बेटा तू क्यों शक करता है,
हो सकता है उसकी मां का फोन आया है।
मैंने हर बार उसके इस सच को झुटलाया है,
न चाहते हुए भी हमेशा ही धोका खाया है।
भले ही उसका नाम छाया है,
पर वो एक दिमागी काया है।
लेकिन अब जा के समझ आया है,
बेटा ये सब मोह माया है।
मेरी भूल थी की उसके चक्कर में कितनी बार मैंने अपने दोस्तों पे चिल्लाया है,
वो दोस्त जिन्होंने सुख–दुख अच्छा–बुरा हमेशा मेरा साथ निभाया है।
यह तक भूख लगने पर,
अपने हिस्से की रोटियां तक खिलाया है।
अब जाकर समझ आया है,
बेटा सब मोह माया है।
भले ही पता है, ये सब मोह माया है,
लेकिन एक बार फिर से धोका खाने का इत्मीनान से मन बनाया है,
ये तो मीठे जहर के समान है,
जो खाया वो भी,
जो न खाया वो भी पछताया है।
By viren singh

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