SAB MOH MAYA HAI
By viren singh
जैसा कि हम जानते है,
प्यार मोहब्बत ये सब मोह माया है,
लेकिन इन्हें आजमाने का मैने फिर से मन बनाया है।
बेशक मैने प्यार में धोका खाया है,
पर इस बार एक अलग खुमार सा छाया है।
कुछ ही दिन बीते थे कि बारिश का मौसम आया है।
आज जोरो की बारिश हो रही है,
और भगवान ने मुझे फिर एक लड़की से मिलाया है।
देखके उसे मन में अजीब सी लहरें उठी,
और बातें करने की बेचैनी सी छाई है।
मुझे याद है प्यार ने मुझे एक बार रुलाया है,
पर प्यार करने का, मैंने एक बार बार फिर से मन बनाया है।
आंखें उसकी समुंदर सी गहरी, मानो उसने कइयों को डुबाया है।
पर हम कौनसा डरने वाले थे,
हमने भी समुंदर से तैर के निकलने का तजुर्बा जो पाया है।
उस नजारे की क्या तारीफ करूं मैं,
गिरते बारिश की बूंदों ने उसके गालों को सहलाया है।
और उसकी भीगी बालो को लटो ने उसकी खूबसूरती को और बढ़ाया है।
जिंदगी में पहली बार,
मुझे बारिश की बूंदों पे प्यार आया है,
मानो भगवान ने बारिश की बूंदों को,
फूल की पंखुड़ी बनाकर बरसाया है।
मुझे देखता देख उसने मुझे बुलाया ,
मैंने दिमाग को समझा के,
दिल को मना के हिम्मत जुटाया।
पास पहुंचते ही उसने मुस्कुराया उसके मुस्कुराते ही मानो मेरी जान में जान आया।
इसी बहाने हमारी बातें शुरू हुई.....
और बातों ही बातों में पता चला उसका भी नाम......
By viren singh

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