rakh hoshala
By Priya Jain
गुजरे हुए वक्त का कभी गम नहीं पाला है,
हौसलों के साथ हुनर को संभाला है,
मायूस होकर उम्मीदों का दामन नहीं छोड़ा है
खुद पर यकीन रख कर आगे की ओर कदम बढ़ाया है!!१!!
जो ताने देते रहते हैं, मेरी हर छोटी कमियों पर,
मैंने उन्हें सुनने के लिए खासकर समय निकाला है,
ये चुनौतियां जो ललकारती है हर रोज मेरे किरदार को,
मैंने इसे भी इन चुनौतियों की हैसियत के अनुसार ढाला है!!२!!
ठाकुरों से कभी ना घबराया हूं मैं,
हर पड़ाव पर अपने आप को और मजबूत पाया हूं मै,
लड़खड़ाता हूं पर चलता जरूर है,
क्योंकि हौसलों के साथ हुनर को संभाला है,!!३!!
By Priya Jain

Comments