Radha Krishna
By Madhvi Sharma
मोहब्बत के नाम की कहानी मैने तो है बस तुमसे जानी,
तुम जगत के दाता तुम्हारी राधा रानी दिवानी ।।
आज की दुनिया में हीर रांझा को सबने जाना,
मैंने तो बस प्यार के नाम पे राधा कृष्णा को माना।।
तुम्हारी मधुर वाणी मैंने बासुरी में सुनी है,
जिसकी मधुर धुन राधा रानी के लिए बनी है ।।
तुम्हारा गोपियों संग रास देख तो राधा रानी भी जली है,
फिर वो प्यार भरी नोक झोक से दुनिया बनी है।।
तुम्हारे इश्क़ को तो दुनिया जानती है,
तुम्हारे नाम को बिना राधा के नहीं पुकारती है।।
तुम्हारे नाम की एक और दिवानी है,
जिसके साथ तुमने शादी भी रचाई है।।
वो विवाह के बंधन में तुमने उन्हे भी कुछ बातें बताई है,
राधा कृष्णा के बिना अधूरी ये बात रूखमणी को भी रास आई है ।।
हर बात पे रूखमणी ने एक सवाल ज़रूर किया है,
तुम्हारे तकलीफ़ में राधा को खबर किसने पहुंचाई है,
बहुत सरलता से कृष्णा ने बात बताई है, दिल के मिलन के आगे कोई बंधन मोहब्बत को नहीं रोक पाता है ।।
आज भी कृष्णा के आगे राधा का नाम आता है,
और वो इश्क राधा कृष्णा के नाम से जाना जाता है।।
एक मीरा नाम की जोगन ने तुम्हे भगवान स्वरूप पूजा है,
बचपन से उसने बस तुम्हारे ही नाम की कविताएं सुनाई है।।
एक रोज़ जब मीरा ने अपनी मां से पूछा, मेरा जीवन साथी कोन है,
तो उन्होंने कृष्णा नाम ले के सरलता से जवाब दिया है।।
किसी और के साथ विवाह कर के भी नाम कृष्णा का लिया है,
तुम्हारे नाम से रोशन उसने अपना जहान किया है।।
सारे बंधन तोड़ के इस दुनिया के, उसने हर जगह तुम्हारे गीत सुनाए है,
हर पड़ाव में उसने तुम्हे ही जाना और तुम्हे ही अपना माना है ।।
वृंदावन की गलियों में उसने गीत कृष्णा के गाए है,
आखरी वक़्त में भी उसने नाम कृष्णा का ही पुकारा है।।
तीनो लोक में तुम्हे अपना सबने माना है,
तुम्हे आज
राधा कृष्णा,
राधा कृष्णा,
राधा कृष्णा,
के भजन में मैंने पहचाना है।।
By Madhvi Sharma

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