Pyaar se chhutkara
By Rashmi Ray
हाँ मुझे छुटकारा चाहिए
इस आधे अधूरे प्यार से!
हर रोज़ होने वाले तकरार से,
इस दिल ए बेक़रार से,
हाँ मुझे छुटकारा चाहिए!
कभी ना ख़त्म होने वाले इंतज़ार से,
कभी मेरा ना हो पर उस प्यार से,
इस एकतरफ़ा सपनों के संसार से,
हाँ मुझे छुटकारा चाहिए!
मेरे मन में आने वाली बातों से,
किसी के इंतज़ार में कटने वाली रातों से,
इन झूठे सपनों के सौग़ातों से,
हाँ मुझे छुटकारा चाहिए!
मेरे दिल की परेशानियों से,
किसी की बेपरवाह नादानियों से,
तो क्या हुआ अगर मुझे छुटकारा चाहिए,
इस बेनाम रिश्ते से,
इस अधूरे क़िस्से से,
मेरी तकलीफ़ों के हिस्से से,
हाँ मुझे छुटकारा चाहिए!
मेरे दिल के इस दर्द से,
प्यार के इस मर्ज़ से!
By Rashmi Ray

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