Prem Samarpan
Updated: Aug 2, 2025
By Pooja Singh
है प्रीत मेरी ये ना सपना है,
मेरे जीवन की सबसे हसीन घटना है!
माना की ना मै प्रेम पुजारी हूं,
पर तेरे दर्शन को व्याकुल भिक्षु मैं चिरकारी हूं!
तेरे उपवन का मैं अंशु माली,
क्यों कस्तूरी की खोज में भटके तु मारी!
माना की मद का मैं प्यास हूं पर मधुशालय ना जाता हूं,
छवि चितवन से तेरे मैं मन की प्यास बुझाता हूं!
हां प्रीत मेरी यह सच्ची है माना थोड़ी कच्ची है!
बातों में मदहोशी है सांसों में सरगोशी है,
ऐसा हूं मैं तेरे प्रेम का रोगी डर लगता कहीं ना बन जाऊं भोगी!
तू क्या जाने नैनो के काजल ने तेरे,
कई दफा होश उड़ाए है मेरे!
जब-जब तूने है अपना घूंघट खोला,
बिजली कौंध उठी तन में रोम-रोम पुलकित हो डोला!
हर धड़कन पर है तेरा नाम लिखा,
जैसे राधा और श्याम लिखा!
मैं तेरे पथ का राही हूं,
मेरा हर पथ तुझको ही जाता है!
तू सुरभि मेरे जीवन की ,
मैं प्रसून तेरी फुलवारी का!
तू बन जा मूरत मंदिर की,
बन जाऊं मैं तेरा जोगी!
क्या रखा इस जीवन में,
कर जाऊं अब मैं प्रेम समर्पण!
है प्रीत मेरी ये ना सपना है,
मेरे जीवन की सबसे हसीन घटना है!
By Pooja Singh

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