Paisa
- Hashtag Kalakar
- Aug 11, 2025
- 1 min read
By Saksham Chandola
इस दुनिया का ताज है पैसा,
चाहिए वो जो आज है पैसा
कर देता धोखेबाज़ है पैसा,
हर दिक्कत का इलाज है पैसा।
नोटों की गद्दी में खुदा
दिखने लगा है आजकल
इंसान तो इस कदर तक
गिरने लगा है आजकल
दोस्त दोस्त से, भाई भाई से
भीड़ने लगा है आजकल
लालच से सबका सर
फिरने लगा है आजकल
आजकल वक़्त ही कुछ ऐसा है
अब मैं क्या बताऊँ कैसा है ?
बात तो कुछ ऐसी है
इस वक़्त की दरअसल
भगवान के तो नहीं
पैसे के हैं भक्त दरअसल
बहाते हैं पैसा नहीं
बहाते हैं रक्त दरअसल
दौलत को छोड़कर
सब है त्यक्त दरअसल
दरअसल ज़माना ही जब है ऐसा
तो क्यों न हो जैसे को तैसा
जब भी कोई सवाल जागे,
तो जवाब पैसा पैसा पैसाआ!
इस दुनिया का ताज है पैसा,
चाहिए वो जो आज है पैसा
कर देता धोखेबाज़ है पैसा,
हर दिक्कत का इलाज है पैसा।
By Saksham Chandola

❤️
Wah! Kya sahi kaha
Heart touching poem
This is amazing — the expression and emotion in your words truly touch the soul.
Zindagi ka saar in shabdo ka tyohar