Nazarein
By Manisha Yadav
इन आंखों ने बहुत कुछ देख लिया है अब,
एक पल में हंसना फिर दूसरे पल में रोना सिख लिया है अब,
किसी की नियत बदलते देर नहीं लगती,
तो किसी चेहरे को भूलने मैं समय नहीं लगता,
थक गई है जिंदगी के पड़ाव देखते देखते,
इंसान की पहचान करते करते,
किसी का देर तक इंतजार करते करते,
नम हो गई है ये भी दुनिया की नियत समझते समझते,
बस हर रात यही कहती है,
थक गई है झुट्ठे चेहरे देखते देखते।
By Manisha Yadav

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