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Naak Dhundte Reh Jawge

Nov 5, 2022
3 min read

By Aqeel Agaz


चिन्तामणी चौधरी, काले होठ, लाल जीभ, पीले दांत (जब वह हंसते हैं तो ऐसे ही लगते हैं) दिखाते हुए चाय के ठेले पर खडी पब्लिक संसद से खुद को स्पीकर की तरह समझकर फखरिया अंदाज में फरमाते हुए कहने लगे के भ्रष्टाचारी सुपर्नखा (रावण की बहन) की नाक काटने की जुर्रत हमारी सरकारी एजेंसियां भले ही ना कर पाई हों, मगर इनकी कारगुजारियों से तंग आकर विश्व बैंक ने विकासशील देशों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर चोरी गई संपत्तियों को हासिल करने के लिए पहल कर दी है । ताकि सत्ता सुन्दरी व ऊंची पहुंच का नाजायज इस्तेमाल कर सरकारी माल हड़पने के मनसुबे बनाने वालों पर नकेल डाली जा सके और उन्हें आगाह किया जा सके कि जनता का धन चुराने वालों को कहीं पनाह नहीं मिलेगी । विपक्षी सांसद की तरह मैने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि भ्रश्टाचार अब केवल भारत की ही समस्या नहीं है इसका रूप बड़ा होकर अब यह एक वैश्विक समस्या हो गई है, हमारे यूं इस तरह टोकने पर वह आंखे लाल करते हुए कहने लगे इस समय हम अपनी सरकार व अपने देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय समस्या पर बहस करने के लिए हमने अपने निर्वाचित सांसदों को संद भवन में भेज रखा है बात का रूख मोड़ते हुए हमने उनके जोश को ठंडा करते हुए कहा कि यह कोई रावण की बहन सूर्पनखा की नाक नहीं है, भ्रष्टाचारी सूर्पनखा की नाक है, इसे बचाने के लिए कई कंस व दस सरों वाले कई रावण राम लक्ष्मण से दो-दो हाथ करने आ जायेंगी इतना ही नहीं, बहुत से मीर जाफर, पहले से ही भ्रष्टाचारी सुपरेखा को सूचना पहुंचा देंगे कि अपनी नाक को बचाकर रखो तुम्हारी नाक कटने वाली है ।




छूटे पैसे की किल्लत के कारण भिखारी को आदर से चाय का गिलास थमाते हुए चाय वाले ने अच्छे लोगों की संगत के असर का सबूत देते हुए कहा कि फुजूल की बहस से क्या फायदा, मेरी इतनी उम्र हो गई है, लेकिन मैने अब तक किसी भ्रष्टाचारी को सजा मिलते हुए नहीं देखा, अलबत्ता अखबारों में ऐसे लोगों की खबरें जरूर छपती रहती है. और मीडिया वाले भी भ्रष्टाचारी व्यक्तियों की कारगुजारिया स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर दिखा रहते हैं, इससे किसी को फायदा होता है तो मुझे पता नहीं, लेकिन आप जैसे लोग इस मुद्दे पर बात करते हुए मेरी बिक्री जरूरत बढ़ा देते हैं। इतना तो मैं कहूंगा और धन्यवाद भी दूंगा । ठेले वाले की बात से तिलमिलाकर चिंतामणी ने कहा जिस तरह 1978 में वेलबर्नऔर नरडीन को रिश्वत देने तथा रेडेल को रिश्वत लेने के जुर्म में सजा सुनाई गई थी, इसीतरह वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी बड़ी मछलियों का सजा दी जाएगी और सजासुनाते समय अदालत कहेगी, रिश्वत देना व लेना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।चितामणी के खामोश होते ही बहस को पूर्ण विराम देते हुए मैने कहा कि आपकी इत्तेला केलिए अर्ज कर दूं कि अब तक ऐसी कोई दूरबीन या माइक्रोस्कोप नहीं बना है जोभ्रष्टाचारियों की नाक देख सके, यह बगैर नाक के लोग वक्त पड़ने पर कहीं भी नाक रगड़सकते हैं, फिर चाहे पीर फकीर का दरबार हो या किसी मंत्री या संत्री का और हम जैसेआमजन अकबर इलाहाबादी की यह लाईने पढ़ते रह जाते हैं।


रिश्वत लेकर फंस गया है

देकर छूट जायेगा


By Aqeel Agaz




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