Na-Mumkin
By Aayushi Dey
वो प्यार नहीं।
जिसमे अपेक्षाओं का बोझ हो।
वो दोस्ती नहीं ।
जिसमे अच्छी सिर्फ तुमहारी सोच हो ।।
उन बातों का कोई ,मोल नहीं।
जिनमे केवल एक को कहने का हक हो ।
उन रिश्तों का ,कोई फायदा नहीं।
जिनमे एक के फैसलों को ,रहने का अधिकार हो।।
नफ़रत हो या मोहब्बत ,दोनो मे बराबरी अच्छी ।
वर्ना तो रह जाएगी ना ,साझेदारी कच्ची ।।
By Aayushi Dey

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