Mujhe Kharidaar Nahi Aashiq Chahiye
Updated: Jul 14, 2025
By Prachi Raghuwanshi
तुम कॉफी डेट के पैसे बचा लेना
मैं कुल्हड़ चाय से खुश हो जाऊंगी।
तुम कैंडल लाइट डिनर की मोमबत्ती बुझा देना
मैं जुगनू की चमक से चहक जाऊंगी।
तुम मूवी टिकट्स में दिमाग मत लगाना
मैं सनसेट देखकर शामें काट लूंगी।
तुम क्लबिंग के शोर पर ध्यान मत देना
मैं बारिश में नाचकर झूम लूंगी।
मुझे खरीददार नहीं, आशिक चाहिए
क्योंकि मेरे इश्क को सिर्फ आशिकी चाहिए।
तुम पहाड़ पर चढ़ने तक का साथ तो दो,
ज़िंदगी की चढ़ाई तो चढ़ ही लेंगे।
तुम समंदर में मेरे कदम मिलाओ तो,
ये रिश्ते की नाव तो चला ही लेंगे।
तुम मेरा हाथ पकड़ो तो सही,
हम एक-दूसरे को थाम लेंगे ही।
ना महंगे सपने हैं,
ना लंबे इरादे।
बस छोटी-छोटी ख्वाहिशें हैं।
तुम पूछो तो सही,
हम बता देंगे।
बस फिर एक बार कह देना
सब्र करो तो सही,
इन्हें भी पूरा कर ही लेंगे।
महंगे तोहफों का लोभ नहीं।
तुम कलम से कागज़ पर कुछ लिख देना,
मैं संभाल कर रखूंगी।
तुम कुछ लफ़्ज़ ही कह देना,
मैं उन्हें अपनी यादों में सजा लूंगी।
यही मेरे इश्क की परिभाषा है,
यही मेरी आशिकी का पहलू।
सब गैर हैं,
जो कहीं न कहीं,
कभी न कभी साथ छोड़ देंगे।
पर ये कल्पनाएँ जो हैं ना,
मेरी हैं, सिर्फ मेरी।
इन पहलुओं को पढ़ लेना।
इन्हीं दायरों में रहकर इश्क जताना।
पर हाँ, अगर न हो पाए तो बता देना,
क्योंकि तुम भी कभी गैर हो ही जाओगे।
मैं इन्हीं कल्पनाओं में जी लूंगी।
मैं अपने इश्क के सलीके को संभाल कर रख लूंगी।
क्योंकि ये जो पहलू हैं ना,
मेरे हैं, सिर्फ मेरे।
तुम्हारे होने ना होने से इन्हें नहीं भूलूंगी।
By Prachi Raghuwanshi

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