Mohabbat
By Rashmi Ray
क्या ये चीज़ है मोहब्बत,
कभी आवाज़ है मोहब्बत,
कभी आग़ाज़ है मोहब्बत!
किसी की जान है मोहब्बत,
किसी की शान है मोहब्बत,
किसी का अरमान है मोहब्बत,
तो कहीं क़ुर्बान है मोहब्बत!
कहीं साज़िशो में उलझी है मोहब्बत,
कहीं रंजिशों में बिखरी है मोहब्बत,
कहीं गलियों में है इश्क़ का बोलबाला,
कहीं चाहतों के बीच ख़ामोश है मोहब्बत!
कभी तो प्यार है मोहब्बत,
कभी इक़रार है मोहब्बत,
कभी इस दुनिया की भीड़ में तकरार है मोहब्बत!
कभी खोए हुए आशियाने की पनाह है मोहब्बत,
कभी टूटे हुए सपनों की आवाज़ है मोहब्बत,
कभी दिल से निकली हुई अरदास है मोहब्बत,
हर एक के लिए बहुत ख़ास है मोहब्बत!
By Rashmi Ray

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