Manjar
By Rakesh Singh Sidar
तबाही का मंजर देखिए,
आंसुओं से भीगा समंदर देखिए।
देख कर यह सब अनदेखा कर,
सियासत में तमाशा करते बंदर देखिए।
लाखों उम्मीदें सरे राह कुचले जा रहे,
लोगों के दिलों को होते बंजर देखिए।
शराब की बूंदों से,विकास की धरा सींचते,
ऐसे जनसेवक समाजवादी धुरंधर देखिए।
गरीबों के हक में भी अपना हित साधने वाले,
ईमानकेपुतलेबेमानीअपनेअंदरदेखिए।
By Rakesh Singh Sidar

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