Maa Retire Hoti Hai
Updated: Oct 2, 2024
By Sachin Mujumdar
बेटी रूप में लेकर जनम वो
बहन के रूप में पलती है
पत्नी रूप में विदा फिर होकर
एक माँ के रूप में ढलती है
रिश्तो के इन विभिन्न रूप में
एक औरत ही दायर होती है
मैं पूछता हूँ ये आज सभी से
क्या माँ रिटायर होती है
हर मकान को घर वो बनाती
रूठे बच्चे को जब वो मनाती
न पद्मश्री न पद्मविभूषण
मुस्कान भरा इक चेहरा केवल
उसकी डिजायर होती है
मैं पूछता हूँ ये आज सभी से
क्या माँ रिटायर होती है
वो दफ्तर की फाइलों में उलझी
ग्रहणी होती फिर भी वो सुलझी
ऑफिस से गर वो छूट भी जाये
तो गृहस्थी अटायर होती है
मैं पूछता हूँ ये आज सभी से
क्या माँ रिटायर होती है
By Sachin Mujumdar

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