Khwaish
Updated: Feb 6, 2024
By Karan Bardia
मेरी एक छोटी सी ख़्वाहिश है तुम उसे पूरा कर पाओगी क्या,
कि बस हमेशा मेरे साथ रहो ऐसा कुछ इंतेज़ाम कर पाओगी क्या,
ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए मुझे ज़िंदगी में,
मेरा सब कुछ लेकर सिर्फ़ अपना प्यार मुझे दे पाओगी क्या।
यूं तो तुमसे कोई नाराज़ नहीं हो सकता पर कभी अगर हुआ नाराज़ तो मुझे मना लोगी क्या,
ज़िंदगी का क्या भरोसा, कब चली जाए पर जब तक ज़िंदा हूं मेरे साथ रहोगी क्या,
लालच या हसरत नहीं है मुझे तुम्हारी,
बस मेरे हर सपने के बदले तुम साथ रहने के सपने को हकीकत बना पाओगी क्या।
यूं तो बड़ा जिद्दी हूं पर तुम्हारे सामने अगर कभी जिद करूंगा तो तुम उसे पूरा कर पाओगी क्या,
माना तुम्हारे जितनी हैपेनिंग नहीं है लाइफ़ मेरी पर मुझे अपनी उस हैपेनिंग लाइफ़ का एक छोटा हिस्सा बना पाओगी क्या,
तुम्हारा वक़्त बहुत कीमती है ये मैं जानता हूँ,
बस उस क़ीमती वक़्त में से मुझे थोड़े पल दे पाओगी क्या।
इंतज़ार करूंगा तुम्हारा वहीं जहां तुम छोड़ जाओगी तुम बताओ तुम वापस आ जाओगी क्या,
ज़िंदगी भर का भी वक्त अगर मांग लो तो भी कोई गम नहीं, बस इतना बता दो तुम मुझे हां कह पाओगी क्या,
आज से 50 साल बाद जब मैं अपने घर के दरवाजे पर दस्तक दूं,
तोह घर की मालकिन की तरह घर का दरवाज़ा खोलने का वादा कर पाओगी क्या।
तुम अगर मिल जाओ तो मेरी ज़िंदगी का हर फैसला तुम्हारे हवाले, तुम मेरे लिए सारे फ़ैसले ले पाओगी क्या,
मैं तो बड़ा निकम्मा और नकारा हूं तुम मुझे संभाल पाओगी क्या,
मैं तो तुम्हें अपनी रूह बनाना चाहता हूं,
तुम क्या इस ग़रीब के दिल में समा पाओगी क्या।
मानलो कभी पड़ गए रिश्ते कमज़ोर हमारे, तुम उन रिश्तों को मज़बूत कर पाओगी क्या,
सुना है बड़ी पक्की हो तुम रिश्ते निभाने में मेरे साथ ये नया रिश्ता निभा पाओगी क्या,
ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए मुझे तुमसे,
बस मेरे बेशुमार प्यार के बदले मुझे सिर्फ़ अपने दिल का एक छोटा सा हिस्सा दे पाओगी क्या।
अगर कहूं कि आना चाहता हूं तुम्हारे पास तो क्या तुम अपने पास आने दोगी क्या,
हो जाऊं अगर कभी अकेला इस दुनिया में तो तुम मेरा हाथ थामोगी क्या,
तुम्हारे पास आना तो दूर तुम्हारी इज़्ज़त के बिना तुम्हें चाहूंगा भी नहीं,
पर अपने इश्क को बताने का, उसे ज़ाहिर करने का मुझे एक मौका दे पाओगी क्या।
मुझे बस तुम्हारे साथ बैठना है तुमसे बात करनी है तुम क्या मुझे सिर्फ़ आराम से सुन पाओगी क्या,
कोई और खास दोस्त नहीं है मेरा तुम मेरी वो खास दोस्त बन पाओगी क्या,
मैं ज़्यादा कुछ नहीं कह पाता,
तुम सिर्फ़ मेरी आंखें पढ़कर मेरे दिल के हालात समझ पाओगी क्या।
मुझे ज़्यादा अकेला रहना पसंद है तुम उस अकेलेपन में मेरे साथ रह पाओगी क्या,
तुम्हारा मन न हो मुझे देखने का तो ज़िंदगी भर तुमसे दूर रहूंगा पर अपनी मुस्कुराती हुई एक फ़ोटो तुम मुझे भेज पाओगी क्या,
माना कुछ नहीं मांग कर भी बहुत कुछ मांग रहा हूं,
पर तुम बताओ तुम सिर्फ़ मेरा साथ दे पाओगी क्या।
माना बहुत ज़्यादा मांग रहा हूं पर सब कुछ भूल जाओ, बस मेरी इश्क को इज़हार करने की इस इच्छा को पूरा करने दोगी क्या,
तुम्हारा जवाब जो भी हो उससे शुद्ध मन से मान लूंगा पर तुम मेरे प्रपोजल को एक बार विचार करोगे क्या,
ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए मुझे बस तुम खुश रहो ये ही मेरा लक्ष्य है,
मेरे साथ लाइफ़टाइम का 'पार्टनरशिप एग्रीमेंट' साइन कर पाओगी क्या।
अब बता दिया है मैंने तुम्हें सब कुछ अब तुम बताओ तुम मेरे साथ खुश रह पाओगी क्या,
तुम्हें मेरे साथ रहने के लिए कुछ नहीं बदलना है बस बताओ तुम अपना पता बदल पाओगी क्या,
अब बस इंतज़ार रहेगा तुम्हारे जवाब का,
तुम बताओ तुम आ पाओगी क्या और मुझे हाँ कह पाओगी क्या।
By Karan Bardia

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