Khoye hai!
By Pratiksha Gondane
खोए है कुछ इस कदर!
ना गिले है तुझसे ना शिकवे, ऐ जिंदगी!!!
जब लब्ज़ हि ना बचे तो बयान क्या करे!
बस चलते जा रहे है तेरी राहो मे,
यु बनके हमराहि उस मुकाम कि तलाशमे!
जो हमसे कभी जुड ना सका और
जिसे हम कभी भुला ना सके!!!
By Pratiksha Gondane

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