Kahani
By Sunil Bijalwan
कहानी कैसे पूरी होती है ?
मेरी तो हर बात अधूरी होती है ।
लिखने वाले कैसे लिख लेते हैं?
अन्त की शुरूआत कैसे होती है?
इश्क है नदी का समन्दर में खो जाना ,
और दुनिया में सारी लड़ाई पहचान बनाने की होती है ।
वो जो अधुरे प्यार से दोस्ती रखना चाहते हैं ,
मुझे बताओ फिर हालत कैसी होती है ?
बिछड़ने के बाद भी मुझे किसी के साथ नहीं देख सकती ,
भला ये भी कोई बात होती है ?
नया इश्क सुनाती है पुरानी महोब्बत को ,
ये लड़कियाँ इतनी शैतान कैसे होती हैं ?
फिर दोबारा किसी के प्यार में पड़ जाना ,
यार एक गलती दोबारा कैसे होती है ?
तुम हो सकते हो तो हो जाओ किसी और के ,
हमारी कहानी में महोब्बत एक ही बार होती है ।
मुझे तो हर बात से नई बात याद आ जाती है ,
भला ये कहानी कैसे पूरी होती है ?
By Sunil Bijalwan

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