Jaan Ke Anjaan Mat Bano
By Khushbu Sharma
जान कर अंजान मत बनों
मेरे प्यार को यूँ नजरअंदाज मत करो।
प्यार को दोस्ती का नाम देकर यूँ,
दिल का कत्लेआम मत करो।
जानते होना जी नहीं सकते तुम्हारे बिना,
फिर ये किसी ओर का ,
हो जाने का ज़िक्र करके
मुझसे मेरी सासे छिनने का इंतजाम मत करो।
रहना चाहते हैं ता उम्र,
तेरे ही प्यार के साये में।
तुम कहीं और बसेरा,
करने का ख्याल मत करो।
हम भीड़ में भी अकेले हो जातें हैं,
जब तेरी परछाईं को भी खुद से दूर पाते हैं।
तुम यूँ पास आकर,
दूर जाने की बात मत करो।
मंदिरों की पूजा में, मस्जिदों की नमाज़ में
हर दुआ में सिर्फ तुझे ही मांगा करते हैं।
हमपर एक एहसान कर दो,
ये जिंदगी हमारे नाम कर दो।
कह दो ना अगर करते हो प्यार तुम भी
जान कर अंजान मत बनो,
मेरे प्यार को यूँ नजरअंदाज मत करो।।
By Khushbu Sharma

Comments