Istri
Updated: Jul 28, 2025
By Suroochi Rahangdale
तुम क्या जानो स्त्री क्या है?
वह हर रिश्तों की पहचान है।
तुम्हारे उस बिखरे घर का सारा सामान है।
पुरुष मांझी है तो,स्त्री उसकी पतवार है।
एक पिता की शान है तो,अपने बच्चों के लिए ढाल है। किसी के प्रेम में खिला हुआ फूल है तो,
दुष्टता में काली की तरह काल है।
एक स्त्री! 2
शून्य से उपजी हुई इस सृष्टि की तरह विशाल है।
ना समझा कोई हृदय को उसके।
जो समझ गया! बस वही ब्रह्मा विष्णु और महाकाल है।
अहम में अपने ना करना अपमान उसका।
उसी ने निभा निभाए कर्तव्य सारे।
कभी बेटी कभी पत्नी कभी मां हर स्त्री एक समान है|
By Suroochi Rahangdale

Comments