Ishq Hua Hai
By Sakshi Saxena
आज हवाऐं कुछ बदली सी हैं
जैसे दिल में हुई किसी की दस्तक सी है
अचानक से बेरंग ज़िंदगी में कई रंग नज़र आ रहे हैं
मुझे किसी और के लिए मेरे जज़्बात समझ आ रहे हैं
जो चेहरा था आंखों के सामने हमेशा से
क्यों वो आज अपना सा लग रहा है
क्यों मेरी नजरों में वो प्यार सा झलक रहा है
एहसास ये नया सा जग रहा है
क्यों उसी का ख्याल मेरे ज़हन को हो रहा है
उसकी आहट से मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है
उसकी खुशबू से मेरी रूह महक जाती है
उसको देखूं तो नजरें बस उसपे टिक जाती हैं
उसकी एक झलक के लिए आँखें तरस जाती हैं
चाहत थी जिस प्यार की बचपन से मुझे
अब जाके वो इंतजार खत्म हुआ है
मेरे दिल को किसी से बेपनाह इश्क हुआ है…
By Sakshi Saxena

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