Hausla Tum Mat Chhodo
Dr. Tara Nigam
हौसला तुम मत छोड़ो, उड़ान अपनी मत छोड़ो
एक दिन तेरा आएगा, और परचम भी लहरायेगा
पंख दिए हैं उसने तुमको, उड़ना भी सिखाया है
उड़ान भरो तुम खुल के अपनी, दिल क्यों ये घबराया है
जन्नत बनेगी फ़िर से दुनियाँ, मन्नत होगी फ़िर से पूरी
सपने भी होंगे पूरे, और सारी दुनियाँ होगी तेरी
कोई ना आएगा कुछ करने, तुमको ख़ुद ही करना है
रखो भरोसा तुम ख़ुद पर, बस आगे ही बढ़ना है
कदम उठा आगे तो बढ़, पीछे मुड़ने का अब वक़्त नहीं
ख़ुद को कर सशक़्त इतना, मनोबल पड़े ना कमज़ोर कहीं
नदी के जैसे चीर के पत्थर, रास्ता ख़ुद बनाना है
आँधी आए तूफाँ आए, तुमको नहीं घबराना है
होगी एक सुबह नई, अंधियारा भी छठ जाएगा
रोशन होगा नाम तेरा, जग नत-मस्तक हो जाएगा
फ़िर से हँसना और जीना है, हुनर ख़ुद का चमकाना है
कामयाबी की वो मंज़िल, तुमको एक दिन पाना है
मान मिलेगा सम्मान मिलेगा और मिलेगा प्यार
पहले ख़ुद को तुम तो जानो, फ़िर जानेगा संसार
कहने दो इन लोगों को, जो भी इनको कहना है
बन जाओ बस तुम अर्जुन और लक्ष्य साधते रहना है
क्योंकि,
तेरा हौसला ही अब कुछ है, तेरा हौसला ही सब कुछ है
हौसला तुम मत छोड़ो, उड़ान अपनी मत छोड़ो
Dr. Tara Nigam

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