Har Kali Raat Ke baad hota Hai Savera
- Hashtag Kalakar
- Mar 10, 2023
- 2 min read
By Suparna Kudva Nair
हर काली रात के बाद,
होता है सवेरा, सूर्य किरणों के साथ,
जीवनधारा की इस सुंदर रचना के देखो है, कितने प्रताप|
निशब्ध निशा के अंधेरे में मिट जाते, एक मार्तंड के तेज से,
जीव जंतु और सारे प्राणी उल्हासीत हो जाते,
इस स्वच्छंद ऊर्जा से सब होते हैं प्रेरित,
अपने अपने कार्यों में फिर लीन हो जाते|
सूरज निकलने से होता है सवेरा,
दिनकर के नाम से जाना जाता है, हर दिन का उजाला,
अग्नि सा प्रतीत होता दोपहर में, वही है भास्कर,
शाम को शीतल सविता, की धारा बरसाता,
कर देता दूर हर निराशा और डर,
मन में उल्लास रस भरता भर भर|
सूरज की ऊष्मा से,
बर्फ है पिघलाती,
जिससे नदी नई उमंग से है बहती,
उसकी चंचलता से नवजीवन, को जन्म है देती|
अंश ईश का, रवि ब्रह्मांड में एक उमंग है लाता
दिनेश का आगमन ही, जग में रोशनी भर देता|
जीवनधारा की चाल, इसी तरह है चलती
हर दुख के बाद सुख आता है, यह है हमें सिखलाती
हताश ना हो मानव कभी, कोई भी प्रश्न न सुलझे तो,
दृढ़ निश्चय कर, हार न मानने वाले तेजस्वी उस सूरज सा,
उत्तर ढूंढने का प्रयास कर,
हारूंगा नहीं, थकूंगा नहीं, यह संकल्प कर,
जलता रहूंगा दिवाकर सा, मायूस ना होऊंगा पलभर |
तेरे इस कठोर परिश्रम से,
हर गुत्थी सुलझ जाएगी,
उलझने सारी मिट जाएंगी,
जीत जाएगा तू हर मुश्किल लड़ाई में,
खुशी बरसने लगेगी आंगन में,
मानव जीवन का यह सार जान ले,
हर हार के बाद, जीत अवश्य है|
सकारात्मकता से जी ले तू अपनी जिंदगी,
जब भी नकारात्मक बातें मन में आए,
याद करना यह उपदेश तू,
हर काली रात के बाद होता ही है सवेरा,
उस सूरज सा चमकना तु,
दूर करना जिंदगी का अंधेरा,
क्योंकि,
हर काली रात के बाद होता ही है सवेरा,
हर काली रात के बाद होता ही है सवेरा|
By Suparna Kudva Nair

Comments