Hamesha Nahi Rehne Wala
By Dr. Tara Nigam
ये जो पल है बीत जाएगा,हमेशा नहीं रहने वाला
गमों का अम्बुद छट जायेगा,हमेशा नहीं रहने वाला
आएगा फिर से वक़्त नया, होगा मंज़र हरा भरा
होगी खुशियाली हर तरफ, ये दौर नहीं रहने वाला
ये जो जीना छोड़ दिया है, ये जो हँसना छोड़ दिया है
खुल के जी लो इस पल को, ये पल नहीं रहने वाला
वक़्त हाथ से फिसल रहा है, जाते जाते कह रहा है
चुन लो मोती खुशियों के, ये वक़्त नहीं रहने वाला
होकर गुम इन खुशियों में,भूल जाओ तुम हर ग़म को
खुशियों के पल भी क्षणभंगुर हैं,हमेशा नहीं रहने वाला।।
By Dr. Tara Nigam

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