Hame khud se door jana hoga
By Rashmi Ray
अब हमें उससे दूर जाने के लिए ख़ुद से दूर जाना होगा!
अपनी ही नींदो से उसके ख़्वाबों को मिटाना होगा,
हमारी यादों के क़िस्से से उसके वादों को मिटाना होगा,
अब हमे उससे दूर जाने के लिये ख़ुद से दूर जाना होगा!
वो यादें वो क़समे, वो वादें वो रस्में!
वो प्यार भरी बातें, वो जुदाई की रातें!
वो खोना वो पाना,
वो रूठना वो मनाना!
वो चेहरा वो मुस्कान,
वो बंद आँखों का तूफ़ान!
ये सब कुछ भुलाना होगा,
हमे उससे दूर जाने के लिए, अब ख़ुद से दूर जाना होगा!
मुझे मेरे ही दिल से उसकी यादों को मिटाना होगा,
मुझे मेरे ही आँखों से उसकी तस्वीर को हटाना होगा,
मुझे मेरे ही गीतों से उसके शब्दों को मिटाना होगा,
मुझे मेरे ही लबों से उसके एहसास को भुलाना होगा,
मुझे मेरे ही लफ़्ज़ों से उसके अहसास को मिटाना होगा,
अब मुझे मेरे ही जिस्म से उसकी ख़ुशबू को चुराना होगा!
मेरे ही इश्क़ को अब मुझे ही भुलाना होगा,
क्योंकि मुझे उससे दूर जाने के लिये ख़ुद से दूर जाना होगा!
By Rashmi Ray

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