Haalat Aur Jazbaat
By Rashmi Ray
जब हालात बदल जाते हैं, तो जज़्बात बदल जाते हैं!
हर शख़्स बदल जाता है, जब हालात बदल जाते हैं!
निभाने वाले हर वो साथ बदल जाते हैं,
थामने वाले हर वो हाथ बदल जाते हैं!
वाक़ई जब हालात बदल जाते हैं,
तो मजबूरन जज़्बात बदल जाते हैं!
इस ज़ालिम वक़्त के साथ हर अरमान बदल जाते हैं!
इस रंग बदलती दुनिया के फ़रमान भी बदल जाते हैं!
जब हालात बदल जाते हैं,
तो क्या जज़्बात भी बदल जाते हैं?
By Rashmi Ray

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