Gujra hua ishq
By Anjali parashar
एक उम्मीद सी जगी थी
अब टुट सी गयी है,
आखं ों मेंखश
ुी केआसंु
अब गम मेंतब्दील हो गए हैं,
तझु सेसांझा कि या था
जो खश
ुी देरही थी,
तरेेमरुनेसेअब
तकलीफ सी हो रही है,
प्यार तो दोतरफा ही था
अब एकतरफा हो गया है,
हमारेप्यार को मजिं जिल बतानेवाला
कहींऔर का मसुाफि र हो गया है,
जि न वादों पेभरोसा था
अब गम
ु सा गया है,
कभी अपना बतानेवाला
आज अजनबी हो गया है,
दि ल की गलि यों सेजो गज
ु रतेथे
आज वो बेगानेसेहो गए हैं,
कभी खश
ु होनेवालेमेरी बातों से
आज मझु सेही नाता तोड गए हैं!!
- Anjali Parashar
By Anjali parashar

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