Girl Power
Updated: Jul 14, 2025
By Prachi Raghuwanshi
बहुत अंदर तक सहम जाती है रूह जब हैवान के गिन्होंने काम का पर्दा उठता है,
बहुत सोच में पड़ जाते हैं
जब नए दरिंदे का नाम आता है।
इन सब के बावजूद,
गलती उसी की निकाली जाती है जिसका जिस्म निचोड़ा गया,
गलती उसी की है जिसका सपना तोड़ा गया,
गलती उसी की है जिसके अरमानों को मसल दिया गया।
हर उगते सूरज के साथ,
नया जज़्बा लेकर जागती है वो नन्ही जान।
और उसी सूरज को ढलता देख,
सहम जाती है वो नन्ही जान।
फिर भी किसी ने उसका साथ नहीं दिया,
इसलिए वो खुद का सहारा बनी है।
किसी ने उसका हौसला नहीं बढ़ाया,
इसलिए वो खुद का हौसला बनी है।
किसी ने उसके लिए आवाज़ नहीं उठाई,
वो खुद की अब आवाज़ बनी है।
लड़की है तो क्या हुआ जनाब,
दुनिया उसी के होने से चल रही है।
वो दौड़ेगी, उड़ेगी,
आगे बढ़ेगी,
वो अपना इतिहास अब खुद लिखेगी।
By Prachi Raghuwanshi

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