Ek Tarfa Pyaar
Updated: Jul 14, 2025
By Prachi Raghuwanshi
किसी शाम उस ढलते सूरज से सवाल किया की,
चाँद को चांदनी से घिरा देख,
कितना किलसते होगे न तुम!
जलते तुम हो, चमकता वो चाँद है,
ढलते तुम हो, उछलती वो रात है!
अगर ये इश्क़ है,
तो इस प्यार का क्या नाम है?
तभी सूरज ने मुस्कुरा कर जवाब दिया,
की,
जब तुमने मान लिया है ये इश्क़ है,
फिर यहाँ रिश्ते का क्या काम है?
मेरी मोहब्बत मेरी ही जुबानी है,
किरणों का चांदनी होना ही इस इश्क़ की निशानी है,
और शायद यही मेरे एक तरफा प्यार की छोटी सी कहानी है!
By Prachi Raghuwanshi

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