Ek Jhalak
By Karan Bhardwaj
तुझे देख सूरज भी है शरमाया.....
तभी अपनी उष्णता को त्याग सुन्दरता में ढल आया।
तेरी जुल्फो सी किरनें फैलाई.....
फिर अपनी अदाओं से बादलो को रंगाया।
अखिर में हाय!!तेरी अदाएं देख हार खुदको छुपाया..
तुझे देख सूरज भी शरमाया।।
By Karan Bhardwaj

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