Ehsaan Kaisa Hai
Updated: Jul 14, 2025
By Gyan Prakash
कोरे इस कागज़ पे ये ख़ूबसूरत निशान कैसा है
तुम तो अब जमीं पर हो, अब जन्नत-ए-आसमान कैसा है
माना, होगी तुम, किसी फिरदौस की परी
आँखों में मगर ये गुमान कैसा है
तुम सामने बैठी रहो हम तुम्हें देखते रहे
अजी, हक़ है ये हमारा, एहसान कैसा है
पाकर भी तुम्हें, जो न तुमपे जान लुटाये
बदनसीब ही होगा कोई, आखिर इंसान कैसा है
By Gyan Prakash

Comments