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Bhul Gaya

Updated: Feb 6

By Karan Bardia


देख ना माँ तेरा बेटा तुझसे दूर होकर कितना बदल गया,

जो उठा करता था आराम से हमेशा तेरी दांत खाकर आज वो वक्त से पहले ऑफ़िस जाने लग गया,

बहुत याद आता है घर, तेरी डांट, तेरा प्यार,

हर छोटी बात पर नखरें करने वाला देखो आज जो मिला जैसा मिला उसमें संतुष्ट होकर चुप हो गया।


माना नहीं है किसी का कोई दबाव, ऐसा सब कहते हैं पर कहीं ना कहीं हर कोई मेरी नौकरी‌ के सहारे हो गया,

ना मैं दिखता हूं ना मैं जताता हूं पर आज तुझसे दूर दिल्ली आकर मैं मानो हसना ही भूल गया,

ना मैं गुस्सा करता हूं और ना मैं अब चिल्लाता हूं,

अरे वो बात-बात पर अपने मन की करने वाला तेरा लड़का आज देख खुद ही को भूल गया।


सबको कहता हूं कि सब ठीक हो जाएगा पर तेरा लाडला आखिरी बार कब ठीक था आज वो खुद ही ये भूल गया,

किसी का उल्टा जवाब या किसी का भी बुरा बर्दाश्त ना करने वाला लड़का आज पलट कर जवाब देना ही भूल गया,

अरे किस काम की ऐसी कमाई और ये बड़ा होना,

कि वो हमेशा खुश रहने वाला तेरा लड़का आज खुशी का मतलब ही भूल गया।



सबकी हमेशा मदद करने वाला तेरा लड़का आज खुद की ही मदद करना भूल गया,

कुछ इस तरह से खो गया वो इस दुनिया में कि‌ आज खुल कर बोलना ही भूल गया,

अरे दुनिया एक दम मतलबी है सिर्फ़ अपना फ़ायदा निकालना जानता है,

कुछ इस तरह से फ़यादा उठाया तेरे लड़के का कि आज देख तेरा लड़का रोना ही भूल गया।


तेरी बहुत याद आती है माँ पर इतना डर गया हूँ अपनी भावनाएँ जताने से कि मुझे तेरी याद आती है ये कहना ही छोड़ दिया,

हर दिन हर रात सोचता हूं कि क्यों हूं यहॉं मैं, कि मैं भी सपने देख सकता हूं ये बात ही भूल गया 

अब क्या करना है रह कर यहां कभी कभी सोचता हूं कि मर जाऊं,

पर मरने के लिए हिम्मत चाहिए और मैं तो हिम्मत करना ही भूल गया।


रोज़ हारता हूं, रोज़ बिखरता हूं अब तो मैं वापस उठ कर खुद को जोड़ना ही भूल गया,

सब कहते हैं बाहर जा करण, कहीं घूम कर आ पर मैं तो कुछ इच्छा करना ही भूल गया,

जो मिल जाता है उसमें खुश रह लेता हूँ,

अब तो मैं मनमानी छोड़ो नखरे करना भी भूल गया।


पैसे तो लाखों काम के लिए पर खुद पे एक पैसा खर्च करना भी भूल गया,

के मैं भी कभी खुश हो सकता हूं मैं तो उस खुशी के एहसास को ही भूल गया,

अरे अब बस और कुछ नहीं कहना मुझे,

मैं तो साला खुल कर बात करना ही भूल गया।


By Karan Bardia




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52 Comments

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Dhanraj Jadhav
Dhanraj Jadhav
Jan 24
Rated 5 out of 5 stars.

"आप शायरी, बड़ा दिल छू जाता है।"

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John Samuel
John Samuel
Jan 24
Rated 5 out of 5 stars.

Wha

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ASHUTOSH SHARMA
ASHUTOSH SHARMA
Jan 21
Rated 5 out of 5 stars.

This poem is so captivating and unique….keep writing…

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Rupak Sarkar
Rupak Sarkar
Jan 20
Rated 5 out of 5 stars.

Amezing

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Unknown member
Jan 20

Nice sir

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