Bholenath Ka Hisaab
Updated: Jul 18, 2025
By Riya Singla

हमसे लड़ाई करनी चाहिए,
हमें बुरा-भला बोलना चालू किया,
हम पर इलज़ाम लगने लगे,
हमारी खामोशी तोड़नी चाही,
हम चुप्पी सादे बैठे रहे,
भोलेनाथ का चिंतन करते रहे।
हमने नज़रंदाज़ करना चुना,
हमने भोलेनाथ का रास्ता चुना,
हम माफ करते रहे,
हम आगे बढ़ते रहे।
हमने किसी को दुखी नहीं किया,
खुशी से आगे चलते रहे।
आज हम देख रहे हैं,
आज हम देख रहे हैं,
हमारा हर मुक़द्दमा वो खोल-खोल कर खुद लड़ रहा है,
हम देख रहे हैं जिनको भूल गए थे हम तो,
आज उनसे हिसाब वो खुद चुकता कर रहा है।
By Riya Singla

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