Anokha Kar Dikhana Hai
Updated: Jul 8, 2025
By Sakshi Saxena
हां आज टूटा मेरा ख़्वाब है
तो क्या हुआ अगर हालात मेरे खिलाफ हैं
माना इन आंखों में आसूं हैं मगर सपने भी
दिल में दर्द है पर कुछ कर दिखने की चाहत भी
हिम्मत है, ज़स्बा है, हौंसले भी बुलंद हैं
मंजिल की चाहत है और रास्ते की फ़िक्र भी नहीं
अब बस आगे बढ़ते ही जाना है
मुश्किलों से लड़ते ही जाना है
अपनी मंजिल की पाना है
अपने सपनों को हकीकत बनाना है
हां मुझे कुछ अनोखा कर दिखाना है...
By Sakshi Saxena

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