Aatmavishwas
Updated: Oct 10, 2022
By Riddhi Tiwari
एक अरसे पहले खुद को एक सपना मैंने दिखाया था |
कुछ कर दिखाने की लौ को अपने दिल में जलाया था ||
नहीं हूं मैं नालायक यह भरोसा खुद पर दिखाया था |
सालों पहले कुछ कर दिखाने का सपना खुद को दिखाया था ||
ताने मिले हजार पर खुद को झुकने ना दिया |
ठोकर पड़ी सौ बार पर खुद को रुकने ना दिया ||
डर भी जब करने लगा दिल में घर तो खुद को याद दिलाया था |
कि सालों पहले कुछ कर दिखाने का सपना खुद को दिखाया था ||
छोटी-छोटी हार देख मैं एक सवाल खुद से पूछती थी |
क्या मेरे सपने औकात से बाहर हैं ना जाने कितनी बार सोचती थी ||
फिर नन्ही चींटी का हौसला देख खुद ढाढस मैंने बंधाया था |
क्योंकि सालों पहले कुछ कर दिखाने का सपना खुद को दिखाया था ||
खुद को दिखाया सपना आज सच करके दिखाया है |
काबिल हूं मैं यह खुद को याद दिलाया है ||
ख्वाबों के शहर में एक आशियाना अपना बनाया है |
खुद से किया वादा आज मैंने पूरा कर दिखाया है ||
थकना नहीं, रुकना नहीं, उड़ना तो अभी बकाया है |
खुला आसमां है आंखों के आगे, अभी तो बस पंख मैंने फैलाया है ||
- रिद्धि तिवारी x
By Riddhi Tiwari

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