सब्र
- Hashtag Kalakar
- Jun 6, 2024
- 1 min read
Updated: Oct 4, 2024
By Nikhil Tandon
"ऐ सब्र तू मुझे
कितना आज़माएगा,
थोड़ा मैं बिखरा सही
अंदर से टूटा सही,
पर अब तलक मैं
ख़ाक में मिला नहीं,
अभी ख़ुद से ही मैं
ठीक से मिला नहीं,
ऐ सब्र तू भी
थोड़ा सब्र रख,
बिखरा हूं संवर जाऊंगा
टूटा हूं जुड़ जाऊंगा,
अभी मैंने तुझसे
हार मानी है नहीं,
जो अधूरी रह जाए
कहानी ऐसी मेरी है नहीं,
थोड़ा रुक सा गया हूं
थोड़ा थम सा गया हूं,
ये तो बस एक पड़ाव है
सफ़र अभी लंबा है मेरा,
यकीं है मेरे हौसलों पर मुझे
कि हर अड़चन पार कर जाऊंगा,
अहम् रत्ती भर भी नहीं
पर ख़ुद पर ऐतबार है मुझे,
कि अपने अंत से पहले
मैं अपना शिखर पा जाऊंगा"
By Nikhil Tandon

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