सपने
By Ankita Rupam
ख्वाब तो बहुत देखे होंगे तुमने इन आँखों से ,
रस्ते भी अपनाये होन्ग तुमने अपने मुकाम तक पहुंचने के।
शायद कितनी बार तेरे रस्ते गलत होंगे , पर मत रो मेरे मुसाफिर तू दिल थम कर बैठ जरा ,
होगी मुलाक़ात तेरी मंजिलो से।।
जिंदगी का दौर तुझे कर देगा दूर तेरी और से कितनी बार ,
ख्वाब भी टूटेंगे कितनी बार , अपने भी रूठेंगे हजार बार ,
पर तू हिम्मत मत हार बन जा मुसाफिर अपने मंजिलो का।।
आज भले ही तू रुक गया हो ,
थम गए तेरे पैर ,
सुख गई हो बगिया तेरे ख्वाबो की ,
बह गए हो नदिया तेरे आँखों से ,
पर मत रुक मत थम ए मेरे मुसाफिर ,
होगी मुलाक़ात तेरी मंजिलो से।।
सोना जलता है तभी चमकता है ,
पत्थर कट्टा है तभी आकार लेता है ,
फिर को डरता है , तू इन मुस्किलो से ,
जितना टूटेगा तू अपने रास्तो में उतना करीब होगा अपने मंजिलो के।।
मत दर ए मुसाफिर होगी मुलाक़ात तुजे तेरे मंजिलो से।।
By Ankita Rupam

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