पानी
By Jeeshant mathur
अंदाज़ ए बया हैं उनका काफ़ी दिलचस्प,
तुम्हे मोहब्बत किरदारों से नहीं कहानी से होगी,
हथेलियां जो किसी का कुछ बुरा नहीं लिखती,
नाज़ीर उनकी भी देखो किताब ए रूहानी से होगी,
मुझे पाख समझती हैं यार वोह, मुझसे गले मिलती है,
पता था क्या कभी नफरत खुद की जवानी से होगी,
समुंदर ए शबाब और यह सीने की प्यास,
किसे मालूम था मौत मेरी सिर्फ पानी से होगी
By Jeeshant mathur

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