धोका
By Vanshika Nirmal Jingar
कुछ धोखे हैं जो हमने खुद को दिए हैं
जो ना पसंद हो उसको भी पसंद किया है
गम होते हुए भी मुस्कुराना चेहरे को सिखाया है
कुछ धोखे है जो हमने खुद को देना पसंद किया हैं
कुछ बातों को समझते हुए भी ना समझा किया है
कुछ रातों को नींद होते हुए भी जगना पसंद किया है
हां कुछ धोखे हैं जो हमने खुद को देना पसंद किया है
वक्त ना होने पर भी वक्त तेरे पीछे बर्बाद किया है
रास्ते अलग होने पर भी तेरे पीछे चलना पसंद किया है
कुछ धोखे है जो हमने खुद को देना पसंद किया है
तेरी चाहतों के लिए अपनी चाहतों पर पत्थर रख लिए हैं
पत्थर दिल होते हुए भी तेरे लिए पिघलना पसंद किया है
कुछ धोखे है, जो हमने खुद को देना पसंद किया है
तेरी मोहब्बत में, तुझसे हर शिकायत को भूल जाते हैं,
तेरी शिकायतों में, खुद को वक्त देना भूल जाते हैं,
तेरे वक्त में ,खुद से ना मिलने का गम भूल जाते हैं
तेरे गम में ,मेरे दुख फीके पड़ जाते हैं
क्या कहे ,तेरे प्यार में हम खुद क्या है वह भूल जाते हैं कुछ धोखे हैं जो हम खुद को देना पसंद करते हैं
बस अब इंतजार है कि कुछ धोक तुम भी खुद से कर लो
कुछ यकीन तुम भी हम पर कर लो
कुछ मोहब्बत तुम भी हमसे कर लो
यह दूरियां तुम भी कम कर लो
तेरी दुनिया में शामिल तुम भी हमें कर लो
कुछ धोके तुम भी खुद से कर लो
इश्क अब तुम भी हमसे कर लो
By Vanshika Nirmal Jingar

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