जीवन
Updated: Jul 15, 2025
By Vijay Dilip Patil
हर किसी के जीवन में सुख है
हर किसी के जीवन में दुख है,
कौन कहता है इंसान के जीवन में पड़ाव नहीं होते
हर कोई इंसान है
अच्छा बुरा इसलिए बना जिसमें वह उलझ गया
कौन कहता है डाकू के मन में भाव नहीं होते
पेट कभी मिलते हैं कभी बिखर जाते हैं
वह तो मौसम की बात है
कौन कहता है गुलशन के जीवन में घाव नहीं होते
प्रजा हर दिन सीर चढ़ाए जिस राजा को
वह भी एक दिन अकेला पड़ जाए
कौन कहता है राजा के जीवन में घूमजाव नहीं होते
जो है अपने पास वही सब कुछ है हवा में उड़ते कोई क्या जाने पैरों की कीमत
पैरों की कीमत तो वह जाने जिसके पास पाव नहीं होते
जीवन जीने के लिए हौसला चाहिए
अगर धूप अकाल से बिखरती जिंदगी
तो रेगिस्तान में गांव नहीं होते
By Vijay Dilip Patil

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