उम्र
Updated: Dec 2, 2022
By Monica Banerjee
भोर से मिलकर साँझ आई
तपती दोपहर के रास्ते
जाहिर है रूह खूब झुलसी होगी I
शुक्र यह कि रूहें
शक्लें नहीं लेतीं.....
शुक्र यह कि रूहें
शक्लें नहीं लेतीं
वरना आईने कई चटक जाते
अक्स दिखाते हुये......
By Monica Banerjee

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