Dost
Updated: Jul 18, 2025
By Rachana Chaitanya Navathe
बहोत जी लिया दुसरों के लिये
खुद पे मरना अभी बाकी है,
मुर्दों की इस दुनिया मे, कुछ पल ही सही,
पर जीना अभी बाकी है।
बहोत उलझ लिया इन पुरानी सडकों पर
खुदका रास्ता बनाना अभी बाकी है,
अधुरी सी इन राहों पर, कुछ पल ही सही,
पर चलना अभी बाकी है।
बहोत समझ लिया तौर-तरीकों को
खुदको समझना अभी बाकी है,
मुखवटों की इस दुनिया मे कुछ पल ही सही,
पर खुदकी पेहेचान बनाना अभी बाकी है।
बहोत हसालिया गैरों को
अपनोंको हसाना अभी बाकी है,
खामोश सी इस जिंदगी मे कुछ पल ही सही,
पर दोस्तों का होना ही काफी है...
By Rachana Chaitanya Navathe

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