माँ
Updated: Jul 30, 2025
By Bithika Das
यह कैसा रिश्ता है तेरा मेरा,
कभी नोक जोक,
कभी सबसे प्यारा!!
कभी सहेली बन जाती,
कभी माँ बन डांट लगाती!!
यूं तो कई रूप है तेरे,
कभी बेटी बन आंगन महकती!!
कभी पत्नी बन घर सजाती,
कभी मां बन नय जीवन को जन्म देती!!
तू जीवन का आधार,
तेरे बिना सब निराधार!!
तू शून्य सी संपन,
अनोखा ये तेरा मेरा प्यार!!
By Bithika Das

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