मौत
By Surabhi
ज़िन्दगी की हार है मौत
विचारों का ठहराव है मौत
सपनों का टूट जाना है मौत
आशाओं का डूब जाना है मौत
कुछ न कहना सब सहन कर जाना है मौत
रूह की पुकार को दबाना है मौत
चाहतों का मिट जाना है मौत
सबकुछ देखकर दर्द न समझना है मौत
जीने की जंग में खुशियों का खो जाना ह मौत
मौत!
मौत तो हर रोज़ आती है
हमारे आँसूओं में ज़िन्दगी बह जाती है
सपनों को दफ़नाना, अरमानो का थम जाना
ख्वाहिशों का खो जान, चाहतों का सो जाना
ये मौत ही तो है, इस क़दर जीना है मौत
क्योंकि इस जहां में मौत भी किश्तो में आती है
By Surabhi

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