काश
- Hashtag Kalakar
- Dec 8, 2025
- 1 min read
By Tanvi
दिल में आज भी है ये आस,
की होगे तुम मेरे पास।
मगर छोड़ गए हो तुम मुझे,
भूला देंगे अब हम तुझे।
पर कहना आसान है करना नहीं,
पता नहीं ये गलत है या सही।
लगता है कि आगे बढ़ गए हो तुम,
समझ नहीं रहा खुशी मनाऊं या गम।
अगर हमारी लड़ाई ना होती,
तो क्या मैं रात को चैन सो पाती?
मगर साथ भी खुशी नहीं थी,
नाराजगी आती थी चेहरे पर कभी भी।
नहीं मैं जान पाई तुम्हारी चाहत,
आंसू बहाऊं या लुं सांस की राहत।
नहीं मैं समझ पाई,
की सिर्फ थी मैं परछाई।
इनसान नहीं समझा मुझे,
और मैंने जान माना तुझे।
काश नहीं सुनी होती तुम्हारी बात,
तो शायद ये आंसू ना बहते हर रात।
काश खुदसे प्यार किया होता।
काश बातों पर दिल ना लगाया होता।
काश रात को आराम की निंद आती।
काश हर चीज तेरी याद ना दिलाती।
काश...
बस काश...
By Tanvi

Just wow!!!
❤️
Amazing ❤️❤️
Waah waah kya khoob likha ha!! Beautifully written 💫💫
Beautifully written, great work 🖊