औरत
By Pratibha
मुझे आदत है कुछ नहीं कहने की,
मुझे आदत है सब सुन लेने की,
मन में चाहे जो भी हो ,उसको दबाते रहने की,
खुल के चीख सकूँ ऐसी तो आवाज नहीं
मुझे आदत है सब कुछ सहने की ,
औरत हूँ तो मेरी कोई बात नहीं,
और
रुप रंग के आगे मेरी कोई औकात नहीं |
By Pratibha

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