हम
Updated: Jul 4, 2025
By Vanshika Rastogi
हमारे प्यार में अब वो बात रही ही नहीं।
क्योंकी अब 'हम' में, तुम तो हो ही नहीं।।
समेट कर रख लेंगे, सारी यादों को एक संदूक में,
कभी मन किया, तो खोलकर देख लेंगे।।
मगर अरे! तुम तो होगे ही नहीं, आँसू पोंछने के लिए।
कोई नहीं, खुद बहा कर आँसू, खुद पोंछ भी लेंगे।।
मगर अब कुछ भी दोबारा तुम्हें नहीं बताएंगे ।
क्योंकी उस 'हम' में, अब बस मैं ही हूं।।
By Vanshika Rastogi

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