ज़िन्दगी के पल
By Menka Gupta
खुले आसमान के नीले रंग में रंगे
परिंदो की तरह काश हम भी उड़ चले
ख्वाबो के पर लगाकर कभी
उस कायनात में हम जा मिले
सूरज की उन चमक दार किरणों से
करले आज गुफ्तगू कुछ इस तरह
हवाओं को सुनादे आज शिकवे गिले
सूरज के रौशनी से जो हम जा मिले
आसमान की चादर ओड़े हुए
खुद को हम करदे आज हवाओं के नाम
दिल के हर दर्द को राहत मिले
फूलों की तरह जो हम मुस्कुराने लगे
बारिश की बूँदें जब चेहरे पर आ गिरे
हर ख्वाइश जैसे पूरी होने लगे
भुला कर ज़िन्दगी के हर ग़म को
लिख दे चलो प्यार भरे सिलसिले
जीलो जी भर के ये ज़िन्दगी दोस्तों
क्या पता आज के ये पल कल मिले न मिले। .....
By Menka Gupta

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