ख़ुशी की तलाश
Updated: Dec 5, 2022
By Tarif Mustafa Khan
तुम्हे जो सबसे अज़ीज़ था,
वो ज़िन्दगी से रूठ गया।
सपना जो तुमने देखा था,
वो एक पल में टूट गया।
ज़िन्दगी अचानक से कितनी बदल गई,
ख़ुशियों की हसीन शाम जवां होने से पहले ही ढल गई।
ऐसा लगा अब फिर कभी सुबह न होगी,
तुम दुनिया के मेले से कोई ख़ुशी न लोगी।
जो तुमने खोया उसे भूलने को नहीं कहूंगा मैं,
मगर तुम्हे अपने आप को भी नहीं भुलाने दूंगा मैं।
तुम जो इतनी हसीन इतनी साफ़ दिल हो,
जिसे से जो कोई मिले तो उसे बस ख़ुशी हासिल हो।
तुम रोती हो उसके लिए मगर सोचो,
वो जो होता तो क्या तुम्हे रोने देता।
अपने सबसे हंसी फूल को मुरझाने देता,
यूँ रातों को तुम्हे रोते -रोते सोने देता।
तुम्हारी परेशानी को देख कर क्या वो ख़ुश होता?
तुम्हे नहीं लगता की यूँ देख कर तुम्हे वो भी रोता,
वो यहाँ नहीं है मगर कहीं तो होगा,
जहाँ भी होगा हर पल बस तुम्हे देखता होगा।
दुआएं मांगता होगा तुम्हरी एक हंसी के लिए,
जो तुमने जीना छोड़ दी तुम्हारी उस खुशी के लिए।
तो मेरे हसीन दोस्त मेरे लिए न सही उसके लिए मुस्कुराओ,
उसके साथ बिताईं खुशियां याद रखो, ये ग़म भूल जाओ।
तुम्हे हँसता हुआ देख कर मैं भी थोड़ा मुस्कुरा लूंगा,
तलाश है जिसकी मुझे तुम्हारी हंसी में मैं वो ख़ुशी पा लूंगा।
By Tarif Mustafa Khan

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