होते होंगे
By Aashish Shrivastava
वो जिनके आंखों में आंसू नहीं देखें कभी
समझो वो अंदर ही अंदर बहुत रोते होंगे
साथ वालों का दर्द हमसे यूं देखा नहीं जाता
उन पर क्या बीतती होगी जो अपनों को खोते होंगे
जिन्होंने छिना हैं हक बेदर्दी से गरीबों का
रात को वो चैन की नींद कैसे सोते होंगे
By Aashish Shrivastava

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